Friday, June 1, 2007

मेरा घोड़ा



मेरा घोड़ा उड़ने वाला
ऊँचा इसे उड़ाऊँगा।
उड़ते-उड़ते चन्दा मामा
पास तुम्हारे आऊँगा।

मेरी धरती रही-भरी है
तुम चमकीले लगते हो।
रोज रात को चम-चम करते
दिन में नहीं चमकते हो।
अपने साथ तुम्हें लाऊँगा
धरती पर चमकाऊँगा। मेरा......

चन्दा मामा सच बतलाना
मामी कहां छिपाई है।
मामी जी का कथा पुरानी
नानी जी ने बतलाई है।
चन्दा मामा साथ तुम्हारे
मामी को भी लाऊँगा । मेरा......

मेरा घोड़ा कभी न धकता
सर-सर उड़ता जाता है।
मेरा घोड़ा काठ का घोड़ा
बादल से टकराता है।
बिजली चमके, बादल गरजे
आगे कदम बढ़ाऊँगा। मेरा....

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