Friday, June 1, 2007
परियों की रानी
रोज रात को साथ खेलने
परियों की रानी आती।
सुन्दर-सुन्दर गाने गाकर
बच्चों का मन बहलाती।
अच्छी-अच्छी बात बताती
फिर कानों में लोरी गाती।
जो बच्चे नटखट होते हैं
रानी उनके पास न आती।
अपने साथ मिठाई लाती
अच्छे बच्चों को दे जाती।
लड्डू-पेड़े-खील-बताशे
सब बच्चों को राज खिलाती।
खेल खिलाती,कथा सुनाती
रानी आती, रानी आती।
बच्चों का मन बहलाती
इसीलिये नित प्यारे बच्चों
संध्या को उजियालो बाती।
उजियाले में तुम्हें देखकर
पास तुम्हारे रानी आती।
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