Friday, June 1, 2007

नानी जी


नानी जी, ओ नाजी जी
हमसे कहो कहानी जी।

अच्छा सुनो कहानी जी
हम सब हिन्दुस्तानी जी।

सबधर्मों का आदर करना
कभी न करना तुम अपमान।

ऊँच-नीच का भेद न करना
सबको देना तुम सम्मान।

कभी न अपनी ओर से बच्चों
कष्ट किसी को तुम देना।

अगर बने तो सदा दूसरों की
विपदा को हर लेना।

ईश्वर उनसे खुस रहता है
जो करते हैं अच्छे काम।

बुरे काम का बुरा नतीजा
इससे होते हैं बदनाम।

प्रण आज सब बच्चे कर लो
सा देश का नाम करोगे।

चाहे प्राण भले ही जाये
नेक काम से नहीं डरोगे।

बहुत हो गई आज कहानी
हमें पिलाओ पानी जी।

कल संध्या को फिर सुन लेना
हमसे नई कहानी जी।

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