Friday, June 1, 2007
8. तुम हो पावन हिन्दुस्तान
कठिन समय से घबराना मत
गलत राह अपनाना मत
निजी स्वार्थ में पड़कर बच्चों
अपना मन भटकाना मत
तुम हो मां के मान के रक्षक
तुम हो पावन हिन्दुस्तान
सत्यमार्ग को अपनाओ तुम
होगा प्यारा देश महान
विकट परिस्थिति में भी बच्चों
साहस कभी न खोना तुम
पग में शूल चुभे तो सहना
किन्तु कभी न रोना तुम
परिश्रम से जो आगे बढ़ता
उसको कष्ट नहीं होता है
परिश्रम करके ही तो कृषक
खेतों तो फसलें बोता है
चिऊंटी छोटी सी होती है
किन्तु बड़े काम करती है
किन्तु बड़े काम करती है
गिरती है दस बार धरा पर
फिर भी आगे ही चढ़ती है
अंधकार को चीर-चीर कर
जो आगे बढ़ जायेगा
जीवन के इस अंधकूप में
वही रोशनी पायेगा
झूठी शान दिखाना मत
कौवा जैसा गाना मत
पथ में पड़ी हुई वस्तु को
बढ़कर व्यर्थ उठाना मत
0000000
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment