Friday, June 1, 2007

7. साथ-साथ ऋतुओं के



छै ऋतुयें होती हैं अपनी
आओ उनको पहिचाने
साथ-साथ ऋतुओं के अपने
बारह महीनों का भी जाने

प्रथम ऋतु शिशिर होती है
वसंत दूसरी कहलाती
माघ-फाल्गुन माह से प्रथम
दूजी चैत्र-वैशाख में आती

ज्येष्ठ-आषाढ़ माह में होती
ग्रीष्म रितु गरमीली
श्रावण भाद्र माह में पड़ती
ऋतु वर्षा शरमीली

आश्विनी कार्तिक माह में
शरत रितु का जोर
मार्ग शीर्ष और पौष माह में
हेमंत रितु मचाती शोर

इस प्रकार रितु छै हुई
बारह हो गये मास
दया करें परमेश्वर
सदा रहे उल्हास

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