Friday, June 1, 2007
11. बच्चों, खूब पढ़ो विज्ञान
बच्चों, खूब पढ़ो विज्ञान
बढ़ना रोज लगाकर ध्यान
नई-नई तकनीक निकालो
होगा अपना देश महान
कठिन परिश्रम से आता है
अच्छे कामों का परिणाम
बिना परिश्रम के होता क्या
जग में कभी किसी का नाम
सोच नभ में चमक रहे क्यों
सूरज चांद और सितारे
क्यों होती है रात अंधेरी
क्यों होते हैं सांध सकारे
क्यों कर धूप चमकती है
क्यों कर ठंड सताती हमको
क्यों कर गरमी लगती है
कैसे फूल खिला करते हैं
सुंदर-सुंदर डाली में
बीज कहां से आ जाते हैं
गेहूं धान की बाली में
सन-सन-सन क्यों चलती है
हवा, वृक्ष क्यों हिलते हैं
कैसे वृक्ष बढ़ा करते हैं
कैसे पात निकलते हैं
क्यों होता – कैसे होता
बतलाता सब कुछ विज्ञान
ध्यान लगाकर जो पढ़ता है
कहलाता है वह विद्वान
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