Friday, June 1, 2007

1. झम-झप पानी बरसे


छोटी सी चिढ़िया मेरी आसमान में उड़ती जाये।
छोटा सा चूहा मेरा कुतर-कुतर कर लड्डू खाये।

झम-झम-झम-झम पानी बरसे पानी से दुनिया हरषे,
टर्र- टर्र-टर्र-टर्र मेढ़क बाबा पानी में खूब नहाये।

सारस सारंगी लाया बगुले ने ढोल बजाया।
कोयल का गाना सुनकर काला कौवा भी आया।

अम्बा की अमराई में पत्तों की दरी बिछा कर,
डाल-डाल से उतर-उतर कर महफिल में पक्षी आये ।

आम अनार नारंगी खाओ चीकू-केला और चुकन्दर,
अंगूरों के रस को पीना पका पपीता खाना जी भर।

गाजर, मूली, जाम, सेब से कभी न करना बच्चों नफरत
मेवा-मिश्री-फल जो खाये कभी न पास बीमारी आये।

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